लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए रोजगार के आंकड़ों को “अतिशयोक्तिपूर्ण” (Hyperbolic) करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि सरकार विज्ञापनों में रोजगार की गुलाबी तस्वीर पेश कर रही है, जबकि हकीकत में राज्य का एक बड़ा युवा वर्ग न तो पढ़ाई कर रहा है और न ही किसी रोजगार से जुड़ा है।
राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है यूपी में ‘खाली’ युवाओं की संख्या
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राम प्रताप सिंह ने सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में 15 से 24 वर्ष के 33.5% युवा ऐसे हैं जो न तो शिक्षा (Education) ले रहे हैं, न रोजगार (Employment) में हैं और न ही किसी प्रकार की ट्रेनिंग (Training) ले रहे हैं।
यह आंकड़ा बेहद चिंताजनक है क्योंकि यह राष्ट्रीय औसत (29.3%) से कहीं अधिक है। 15-29 वर्ष की महिलाओं की स्थिति और भी गंभीर है, जहाँ 59.5% महिलाएं किसी भी आर्थिक या शैक्षिक गतिविधि का हिस्सा नहीं हैं।
2.4% बेरोजगारी दर के दावे पर उठाए सवाल
सपा ने सरकार के उस दावे को भी भ्रामक बताया जिसमें यूपी की बेरोजगारी दर को केवल 2.4% दिखाया गया है। पार्टी का कहना है कि यह दर केवल उन लोगों को गिनती है जो सक्रिय रूप से काम ढूंढ रहे हैं, लेकिन यह उन लाखों युवाओं की अनदेखी करती है जो निराश होकर घर बैठ चुके हैं।
इन्वेस्टर समिट और नौकरियों के दावों की पोल खोली
सपा प्रवक्ता नासिर सलीम ने सरकार के अन्य दावों पर भी निशाना साधा:
- इन्वेस्टर समिट: सरकार ने ₹33.5 लाख करोड़ के निवेश का दावा किया था, लेकिन धरातल पर उसका असर दिखाई नहीं दे रहा है।
- सरकारी नौकरियां: सरकार 8 साल में 7.5 लाख से अधिक सरकारी नौकरियों का दावा करती है, लेकिन इनका कोई पारदर्शी विवरण मौजूद नहीं है।
- कौशल विकास: स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत 12 लाख युवाओं को ट्रेनिंग देने की बात कही गई, लेकिन उनमें से कितने वास्तव में नौकरी पर लगे, इसकी कोई ठोस जानकारी नहीं है।

