आगरा। बाह तहसील के सुंसार गांव की छात्रा आराध्या वर्मा ने 91.6% अंक प्राप्त कर जिले में छठवां स्थान हासिल किया है। सीमित संसाधनों और सुविधाओं के अभाव के बावजूद मिली इस सफलता ने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है।
आराध्या वर्मा ने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान प्रतिदिन करीब 10 घंटे मेहनत की। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और भाई को दिया। उनके पिता दिनेश कुमार पेशे से वकील हैं, जबकि माता श्रीमती सुमन कुमारी एक शिक्षक हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया।
आराध्या का सपना आगे चलकर डॉक्टर बनने का है, लेकिन गांव में उपलब्ध संसाधनों की कमी उनके सामने एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है। सुंसार गांव जिला मुख्यालय से करीब 80 से 100 किलोमीटर दूर स्थित है, जहां आज तक तहसील तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है। शिक्षा, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी यहां अभाव बना हुआ है।
गांव की तहसील से कनेक्टिविटी के लिए भी मुख्य मार्ग नहीं और गांव में पर्याप्त संसाधन भी मौजूद नहीं है, जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है और उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में सड़क, परिवहन और शैक्षणिक सुविधाओं की कमी लंबे समय से बनी हुई है। आराध्या की इस सफलता के बाद एक बार फिर गांव के विकास को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या सरकार इन समस्याओं पर ध्यान देकर गांव को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।

