प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी प्रयागराज में आज से विश्व प्रसिद्ध माघ मेले का भव्य शुभारंभ हो गया है। तीर्थराज प्रयाग में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम तट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। शनिवार को मकर संक्रांति के पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाकर मोक्ष की कामना की।
12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
प्रशासन के आकलन के अनुसार, इस वर्ष 44 दिनों तक चलने वाले इस आध्यात्मिक उत्सव में लगभग 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। मेले का समापन महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर होगा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र को 800 हेक्टेयर के विशाल भू-भाग में बसाया गया है।
संगम की रेती पर आज से हजारों कल्पवासियों का ‘तपोबल’ भी शुरू हो गया है। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु एक महीने तक फूस की झोपड़ियों में रहकर अल्पाहार और त्रिकाल स्नान के साथ कठिन संयम का पालन करेंगे। प्रशासन ने कल्पवासियों के लिए निर्बाध बिजली, स्वच्छ जल और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
मेला क्षेत्र की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी और एटीएस (ATS) के जवान तैनात हैं। पूरे क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन्स के माध्यम से की जा रही है। आवागमन को सुगम बनाने के लिए गंगा नदी पर कई पांटून पुल (पीपे के पुल) तैयार किए गए हैं और यातायात का विशेष डायवर्जन लागू किया गया है।

