आगरा। ताजनगरी की ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने की दिशा में योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। आगरा के पालीवाल पार्क स्थित ऐतिहासिक जॉन्स लाइब्रेरी (John’s Library) का करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया जा रहा है। जल्द ही यह लाइब्रेरी न केवल किताबों का घर होगी, बल्कि साहित्यिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों का एक जीवंत केंद्र भी बनेगी।
पारंपरिक तकनीक से संरक्षण: पुरानी पहचान रहेगी बरकरार
नगर निगम द्वारा किए जा रहे इस पुनर्विकास कार्य की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘स्ट्रक्चरल रेट्रोफिटिंग’ है। भवन को मजबूती देने के लिए आधुनिक सीमेंट के बजाय पारंपरिक चूना-मोर्टार तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इससे इमारत की ऐतिहासिक वास्तुकला पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
आकर्षण के मुख्य केंद्र: लिटरेरी वॉल और ओपन एयर थिएटर
नई जॉन्स लाइब्रेरी आधुनिकता और परंपरा का संगम होगी। यहाँ निम्नलिखित विशेष सुविधाएं विकसित की जा रही हैं:
- लिटरेरी वॉल (Literary Wall): यहाँ आगरा के महान साहित्यकारों और विद्वानों की झलक देखने को मिलेगी।
- ओपन एयर थिएटर: सांस्कृतिक कार्यक्रमों और नाटकों के मंचन के लिए एक शानदार ओपन स्पेस।
- ओपन माइक स्पेस: युवाओं के लिए कविता पाठ और साहित्यिक संवाद का मंच।
- फसाड लाइटिंग: रात के समय लाइब्रेरी की सुंदरता को निखारने के लिए विशेष लाइटिंग।
हाइटेक सुविधाओं से लैस होगा परिसर
पाठकों और पर्यटकों की सुविधा के लिए यहाँ आधुनिक कैफेटेरिया, नए फर्नीचर, और स्वच्छ शौचालय ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। साथ ही, एक म्यूजियम गैलरी भी तैयार की जा रही है जिसका प्रवेश द्वार अलग होगा। पर्यावरण का ध्यान रखते हुए इस पूरे प्रोजेक्ट में एक भी हरा पेड़ नहीं काटा गया है।
“हमारा पूरा फोकस संरक्षण पर है। भवन की मूल वास्तुकला को छेड़े बिना उसे अंदर से मजबूत बनाया जा रहा है। यह स्थल विद्यार्थियों और पर्यटकों के लिए एक प्रेरणादायक केंद्र बनेगा।”
— अरविंद श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, आगरा नगर निगम

