आगरा। ताजनगरी की महिलाओं ने अपनी घरेलू जिम्मेदारियों, पशुपालन और खेती-बाड़ी के बीच से समय निकालकर हुनर की एक नई इबादत लिखी है। SSW फाउंडेशन द्वारा आगरा के बुढ़ाना धांधूपुरा रोड स्थित ‘कला कुटीर’ में आयोजित ‘हर्बल कॉस्मेटिक वर्कशॉप’ में ग्रामीण महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया।
केमिकल मुक्त उत्पादों पर रहा जोर
इस विशेष कार्यशाला में महिलाओं को दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाले कॉस्मेटिक उत्पादों को पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से बनाना सिखाया गया। प्रशिक्षिका दीप्तया जैन ने नीम, संतरा और गुलाब के पाउडर का उपयोग कर केमिकल मुक्त साबुन और शैंपू बनाने का प्रैक्टिकल प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि ये उत्पाद न केवल त्वचा और बालों के लिए सुरक्षित हैं, बल्कि बाजार में इनकी अच्छी मांग भी है।

हर्बल टी: स्वाद के साथ सेहत का खजाना
कार्यशाला का एक मुख्य आकर्षण ‘कैफीन मुक्त हर्बल टी’ रही। महिलाओं को प्राकृतिक फूलों जैसे:
- गुलाब
- अपराजिता
- गुड़हल
- लेमन ग्रास
इन फूलों से बनी चाय के फायदे बताते हुए इसे तैयार करने की विधि सिखाई गई। यह चाय पाचन सुधारने, तनाव कम करने और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में सहायक है।

SSW फाउंडेशन का मिशन: ‘हर हाथ को हुनर’
फाउंडेशन की संस्थापक और कार्यशाला की संयोजक रोमी चौहान ने महिलाओं के साथ अपनी आगामी योजनाओं को साझा किया। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य महिलाओं के छिपे हुए हुनर को पहचानकर उन्हें स्किल डेवलपमेंट के जरिए स्वावलंबी बनाना है। SSW फाउंडेशन हर महीने ऐसी वर्कशॉप आयोजित करता रहेगा।”
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में फाउंडेशन की टीम के सदस्य सरोमा, रजनी, जीनिया, सपना, गुनगुन, अभिजीत और रामभारत का विशेष योगदान रहा।

