वैष्णो देवी कॉलेज की मान्यता रद… पर खत्म नहीं हुई लड़ाई, अब श्राइन बोर्ड के संविधान में संशोधन पर अड़े हिंदू संगठन

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Published on: 08-01-2026

जम्मू। श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने एमबीबीएस सीटों के मुद्दे पर पिछले 45 दिन से चल रहे आंदोलन की सफलता पर सभी का आभार व्यक्त करने के साथ स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है।

समिति ने कहा कि जम्मू से भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने के साथ ही उनकी अगली लड़ाई अब श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के संविधान में संशोधन को लेकर होगी, ताकि हिंदुओं के चढ़ावे का किसी भी तरह से दुरुपयोग न हो।

इस राशि का खर्च सिर्फ सनातन के लिए किया जाए। माता वैष्णो देवी के भक्तों की आकाक्षांओं की रक्षा तथा श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कालेज में एमबीबीएस की सीट को लेकर हुआ आंदोलन राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की ओर से कालेज की मान्यता रद होने के साथ ही समाप्त हो गया है। मंगलवार रात आए इस फैसले के बाद बुधवार को समिति के सदस्यों ने लोगों का आभार जताने जम्मू में विजय रैली निकाली।

हिंदू संगठनों ने मनाई जीत की खुशी

समिति से जुड़े युवा राजपूत सभा व बजरंग दल सहित अन्य संगठनों ने भी इसे जम्मू की जीत बताकर खुशियां मनाईं। इससे पहले समिति के संयोजक सेवानिवृत्त कर्नल सुखवीर सिंह मनकोटिया के नेतृत्व में कोर ग्रुप ने जम्मू के गीता भवन परेड में पत्रकार वार्ता में अपनी आगामी रणनीति और आंदोलन की सफलता पर विस्तार से बात रखी। मनकोटिया ने कहा कि 45 दिन तक चले इस लंबे संघर्ष को जन-जन तक पहुंचाने में सभी की एकजुटता काम आई है।

विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का आभार प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि श्राइन बोर्ड की यूनिवर्सिटी में पाई गई अनियमितताओं के कारण एनएमसी द्वारा मेडिकल कालेज की मान्यता रद करना न्याय की जीत है। उन्होंने कहा कि केंद्र में एक ऐसी संवेदनशील सरकार है, जो करोड़ों भक्तों की आस्था और जन-भावनाओं का सम्मान करना जानती है।

‘श्राइन बोर्ड के संविधान में किया जाए संशोधन’

इस दौरान उन्होंने पूरे भारत के सनातनियों और उन सभी वर्गों का हृदय से धन्यवाद किया, जिन्होंने इस आंदोलन को अपना बिना शर्त समर्थन दिया। मनकोटिया ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से अपील की कि वे श्राइन बोर्ड को स्पष्ट निर्देश दे कि भविष्य में संस्थान के भीतर सनातन धर्म की परंपराओं और संस्कृति का पूर्ण सम्मान सुनिश्चित किया जाए।

समिति ने मांग की कि श्राइन बोर्ड के संविधान में आवश्यक संशोधन करने के लिए उपराज्यपाल जल्द निर्णय लें। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं बल्कि धर्म और मर्यादा की रक्षा करना है और इसके लिए समिति प्रशासन को हर प्रकार का सहयोग देने के लिए हमेशा तैयार है। 

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