लखनऊ। केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना ‘नमामि गंगे’ को लेकर विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने आंकड़ों के साथ कड़ा प्रहार किया है। सपा ने आरोप लगाया है कि एक दशक और भारी फंडिंग के बावजूद गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा (STP) अपने लक्ष्य से कोसों दूर है। पार्टी के अनुसार, अब भी लगभग 45% सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता गैर-कार्यात्मक या अधूरी है।
राम प्रताप सिंह (सपा प्रवक्ता): आंकड़ों में खोली पोल
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राम प्रताप सिंह ने रविवार (4 जनवरी 2026) को प्रेस वार्ता के दौरान सरकारी डेटा का हवाला देते हुए मिशन की विफलताओं को गिनाया। उन्होंने कहा:
- अधूरा लक्ष्य: गंगा में अनट्रीटेड सीवेज को रोकने के लिए दिसंबर 2026 तक 7,000 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता का लक्ष्य है।
- जमीनी हकीकत: अक्टूबर 2025 तक केवल 3,806 MLD क्षमता ही संचालित हो पाई है।
- 3,194 MLD का गैप: श्री सिंह ने बताया कि अभी भी 3,194 MLD शोधन क्षमता की कमी है, जो कोलकाता या चेन्नई जैसे महानगरों के कुल कचरे के बराबर है। यानी 10 साल और भारी बजट के बाद भी 45% काम कागजों पर ही है।
नासिर सलीम (सपा प्रवक्ता): यूपी के शहरों का दिया उदाहरण
दूसरे प्रवक्ता नासिर सलीम ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों, विशेषकर वाराणसी और कानपुर की स्थिति पर सरकार को घेरा। उन्होंने निम्नलिखित तथ्य रखे:
- वाराणसी (काशी): वाराणसी में प्रतिदिन 300 से 400 MLD सीवेज निकलता है। दीनापुर (140 MLD) और गोइठा (120 MLD) जैसे प्लांट होने के बावजूद पीक समय में क्षमता कम पड़ जाती है।
- अधूरे प्रोजेक्ट्स: श्री सलीम ने आरोप लगाया कि नमामि गंगे के तहत स्वीकृत 203 सीवेज प्रोजेक्ट्स में से अब तक केवल 127 (करीब 55%) ही पूरे हो सके हैं।
प्रदूषण मानकों पर भी उठे सवाल
राम प्रताप सिंह ने कानपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां का बिनगावां एसटीपी (210 MLD) सीपीसीबी (CPCB) की रिपोर्ट में लगातार मानकों के विपरीत पाया गया है। उन्होंने कहा कि बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) का स्तर आज भी चिंताजनक है, जो दर्शाता है कि सिर्फ प्लांट बनाना काफी नहीं है, उनका सही संचालन भी जरूरी है।
“नमामि गंगे के नाम पर हजारों करोड़ रुपये बहा दिए गए, लेकिन गंगा की सफाई के बजाय सिर्फ विज्ञापनों और बजट की सफाई हुई है। प्रयागराज, काशी और कानपुर में आज भी गंदगी गंगा में समा रही है।” > — समाजवादी पार्टी

