आगरा। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और लघु व्यापारियों को बुढ़ापे में आर्थिक संबल देने के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीयव्यापी विशेष पंजीयन अभियान शुरू किया है। इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर पात्र लाभार्थियों को ₹3000 की मासिक निश्चित पेंशन दी जाएगी।
उप श्रमायुक्त सियाराम ने बताया कि प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना (पीएम-एसवाईएम) और प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना के तहत पंजीयन के लिए दो चरणों में अभियान चलाया जा रहा है। पहला चरण शहरी क्षेत्रों में 15 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 16 फरवरी से 15 मार्च तक ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होगा।

योजना के लिए 18 से 40 वर्ष की आयु के ऐसे श्रमिक पात्र हैं जिनकी मासिक आय ₹15,000 से कम है और वे आयकर दाता नहीं हैं। इसमें मुख्य रूप से रिक्शा चालक, फेरीवाले, निर्माण श्रमिक, घरेलू कामगार, खेतिहर मजदूर, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं। इसके साथ ही, 1.5 करोड़ से कम टर्नओवर वाले छोटे दुकानदार, खुदरा व्यापारी और कमीशन एजेंट भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
लाभार्थियों को अपनी आयु के अनुसार ₹55 से ₹200 तक का मासिक अंशदान करना होगा। खास बात यह है कि पेंशन धारक की मृत्यु होने पर उसके जीवनसाथी को 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन मिलने का प्रावधान है।
इच्छुक लाभार्थी जन सुविधा केंद्र (सीएससी) के माध्यम से या स्वयं आधिकारिक पोर्टल Maandhan.in पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक खाता और मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी। अधिक जानकारी के लिए 32 गार्डन रोड स्थित उप श्रम आयुक्त कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में संपर्क किया जा सकता है।

