नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की जीवनदायिनी यमुना नदी को पुनर्जीवित करने के लिए एक विशाल ‘यमुना क्लीन-अप ड्राइव’ का आयोजन किया गया। इस अभियान में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं शिरकत कर श्रमदान किया और नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
यह अभियान विकारा द वॉयस ऑफ चेंज फाउंडेशन, संस्कृति युद्ध फाउंडेशन, आई वॉलंटियर्स (HOV) तथा अचल वेलफेयर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। अभियान का नेतृत्व विकारा फाउंडेशन के संस्थापक अतुल पचौरी ने किया।

“यमुना हमारी आस्था और संस्कृति का आधार”
सफाई अभियान के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता की पहचान है। उन्होंने जोर दिया कि:
- यमुना के संरक्षण के लिए सरकार और समाज को मिलकर लड़ना होगा।
- प्लास्टिक कचरे और ठोस अपशिष्ट को नदी में गिरने से रोकना पहली प्राथमिकता है।
- नागरिक चेतना के बिना कोई भी पर्यावरणीय आंदोलन सफल नहीं हो सकता।

प्रदूषण से निपटने के लिए ‘कॉम्प्रेहेंसिव एक्शन प्लान’
स्वच्छता अभियान के बाद विशेषज्ञों और संगठनों के बीच दिल्ली के बढ़ते वायु और जल प्रदूषण पर चर्चा हुई। इसके लिए एक समग्र कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके मुख्य बिंदु निम्न हैं:
- दीर्घकालिक संरक्षण: यमुना की सफाई के लिए आधुनिक कचरा प्रबंधन तंत्र।
- हरित विस्तार: दिल्ली में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और हरित क्षेत्रों का विकास।
- कचरा प्रबंधन: ठोस और तरल कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान।
- जागरूकता: स्कूलों, कॉलेजों और स्थानीय समुदायों के बीच जागरूकता अभियान।

युवाओं और स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान
अभियान को सफल बनाने में ऋतिक, अभिषेक, गौरव और सौम्या सहित सैकड़ों युवाओं ने अनुशासन के साथ कचरा हटाने में मदद की। संस्कृति युद्ध फाउंडेशन और अचल वेलफेयर फाउंडेशन ने इस अभियान को एक ‘सांस्कृतिक आंदोलन’ बनाने और जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र विकसित करने का संकल्प लिया।

